गेहूं
Short Description:
गेहूं अपने अत्यधिक पौष्टिक और उपयोगी अनाज के लिए दुनिया भर में उगाई जाने वाली एक प्रकार की फसल है।
Climate:
तापमान-21-26°C
वर्षा -75 सेमी (अधिकतम), 20-25 सेमी (मिनट)
बुवाई का तापमान-18-22°C
कटाई का तापमान-20-25°C
Soil Type:
यह फसल हल्की ज़मीनों जैसे कि रेतली और कल्लर वाली ज़मीनों में भी कामयाबी से उगाई जा सकती है। इसलिए उपजाऊ ज़मीनों और भारी से दरमियानी मिट्टी इसकी अच्छी पैदावार के लिए सहायक होती हैं। तेजाबी मिट्टी में इसकी पैदावार नहीं की जा सकती।
Soil Treatment:
फास्फेटिका कल्चर 2.5 किग्रा + एजेटोबैक्टर 2.5 किग्रा + ट्राइकोडर्मा पाउडर 2.5 किग्रा मिश्रण 100-120 किग्रा एफ.वाई.एम. और अंतिम जुताई के समय प्रसारित करें।
Seed Treatment:
प्रति किलो बीज की मात्रा (खुराक) के साथ कवकनाशी/कीटनाशक का नाम -
1. रक्सिल-2gm
2.थिरम-2gm
3. विटावैक्स-2gm
4.टेबुकोनाजोल-2gm
Seed Rate:
बीज की मात्रा अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग होती है। उत्तर प्रदेश के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें। बारानी और नमक वाली मिट्टी में ज्यादा बीजों का प्रयोग किया जाता है।
Time of Sowing:
अच्छी उपज के लिए, 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें। सिंचित क्षेत्रों के लिए, 15 से 25 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें। बारानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 10 नवंबर का समय उपयुक्त होता है।
Method of Sowing:
1. बीज ड्रिल
2. प्रसारण विधि
3. जीरो टिलेज ड्रिल
4. रोटावेटर
Fertilizers :
गेहूँ की खेती में बुवाई से पूर्व खेत तैयार करते समय वर्मी कम्पोस्ट या हरी खाद का प्रयोग करने से उप्तादन में वृद्धि होती है। रासायनिक उर्वरक में यूरिया 110 कि.ग्रा., डी.ए.पी. 55 कि.ग्रा., पोटाश 20 कि. ग्रा. प्रति एकड़ की दर से प्रयोग कर सकते है। ध्यान रहे रासायनिक उर्वरक मिट्टी परिक्षण के आधार पर ही प्रयोग में लाये।
Water Requirements :
पहली सिंचाई बुवाई के 3 से 4 सप्ताह बाद दी जानी चाहिए।
बुवाई के 40 से 45 दिन बाद दूसरी सिंचाई करनी चाहिए।
बुवाई के 60 से 65 दिन बाद 3 सिंचाई।
बुवाई के 80 से 85 दिन बाद 4 सिंचाई करें।
बुवाई के 100 से 105 दिन बाद 5 वीं सिंचाई करें।
बुआई के 105 से 120 दिन बाद 6 वीं सिंचाई करें
Harvest Time:
जब गेहूँ के पौधे पीले पड़ जाये तथा बालियां सूख जाये तो फसल की कटाई कर लेनी चाहिये| जब दानों में 15 से 20 प्रतिशत नमी हो तो कटाई का उचित समय होता है| कटाई के पश्चात् फसल को 3 से 4 दिन सूखाना चाहिये। इसके बाद गेहूँ की आधुनिक यंत्रो जैसे ट्रैक्टर चलित थ्रेशर या बैलों द्वारा गहाई कर सकते है।