पौधों में भूरे और काले जंग को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है|
इसकी गेहूँ, मक्का, धान, ज्वार, आलू, टमाटर, मिर्च (फलदार, रिपेरोट, लीफ स्पॉट), फूलगोभी (पत्ती स्पॉट), मूंगफली (टिक्का रोग और जंग), अंगूर, केला, जीरा, बीन्स, तरबूज, लौकी, करेला , प्याज, टैपिओका, अदरक, चुकंदर, सोयाबीन, सूरजमुखी, दाल, नारियल, अखरोट: 600-800 ग्राम प्रति एकड़; अमरूद : 2 ग्राम प्रति 1 लीटर; सेब 3 ग्राम प्रति 1 लीटर; मूंगफली (बीज उपचार-कॉलर रोट) 2.5 से 3.0 ग्राम प्रति किग्रा बीज; मिट्टी की खाई: मिर्च (भिगोना); फूलगोभी (कॉलर रोट-बीज अंकुरण के बाद): 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की मात्रा लेते है
इसका स्प्रे, ड्रेंचिंग, बीज उपचार तीनो विधियों से किया जाता है
मुँह पे मास्क लगाके और हाथो में गाल्वेस पहन कर दवाई का स्प्रे करना चाइये यहां प्रदान की गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। संपूर्ण उत्पाद विवरण और उपयोग के लिए निर्देशों के लिए हमेशा उत्पाद लेबल और साथ में लीफलेट देखें।