पत्ती झुलसा


Alternate / Local Name:
जीवाणु झुलसा रोग को जीवाणु पत्ती अंगमारी रोग और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट रोग

Short Description:
इस रोग का प्रकोप खेत में एक साथ न शुरू होकर कहीं-कहीं शुरू होता है तथा धीरे-धीरे चारों तरफ फैलता है।
AFFECTED CROPS

Name Image Stages Periods Symptoms
गेहूँ वनस्पति विकास चरण इस रोग के प्रारंभिक लक्षण पत्तियों पर रोपोई या बुवाई के 20 से 25 दिन बाद दिखाई देते हैं। जीवाणु के द्वारा होने वाला यह रोग मुख्यतः पत्तियों का रोग है। इस रोग में सबसे पहले पत्तियों के ऊपरी भाग में हरे, पीले एवं भूरे रंग के धब्बे बनेने लगते हैं। धीरे-धीरे यह धब्बे धारियों में बदल जाते हैं। रोग बढ़ने पर धारियों का रंग पीला या कत्थई हो जाता है। प्रभावित पत्तियां सूखने व मुरझाने लगती हैं।

जीवाणु के द्वारा होने वाला यह रोग मुख्यतः पत्तियों का रोग है। इस रोग में सबसे पहले पत्तियों के ऊपरी भाग में हरे, पीले एवं भूरे रंग के धब्बे बनेने लगते हैं। धीरे-धीरे यह धब्बे धारियों में बदल जाते हैं। रोग बढ़ने पर धारियों का रंग पीला या कत्थई हो जाता है। प्रभावित पत्तियां सूखने व मुरझाने लगती हैं।

इस रोग में सबसे पहले पत्तियों के ऊपरी भाग में हरे, पीले एवं भूरे रंग के धब्बे बनेने लगते हैं। धीरे-धीरे यह धब्बे धारियों में बदल जाते हैं। रोग बढ़ने पर धारियों का रंग पीला या कत्थई हो जाता है

यह रोग होने पर प्रति एकड़ जमीन में 20 ग्राम स्ट्रेप्टोसाईक्लिन (स्ट्रेप्टोमिल गोल्ड /प्लांटोंमाइसिन) और 600 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (ब्लू कॉपर/ब्लाइटोक्स )को 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।