जड़ गलन


Alternate / Local Name:
जड़ गलन (डैम्पिंग ऑफ)

Short Description:
यह रोग खेत में कहीं-कहीं दिखाई देता है। आरंभ में पौधे की ऊपरी पत्तियां मुरझा जाती हैं, तथा 24घण्टे के अन्दर-अन्दर ही पौधा पूर्ण रूप से मुरझा जाता है, व मर जाता है। रोगग्रस्त पौधों को उखाड़ कर देखा जाये तो उनकी जड़ें कुछ चिपचिपी-सी, गली हुर्इ लगती हैं तथा छाल भी उतरने लगती है।
AFFECTED CROPS

Name Image Stages Periods Symptoms
मिर्च नर्सरी या रोपाई के बाद देखने को मिलता है | अंकुरण या वनस्पति अवस्था में देखने को मिलता है | फसलों के पौधों का मुरझाना इस रोग में दिखने वाला पहला लक्षण है। इसके कारण गंभीर मामलों में सारी पत्तियां झड़ सकती हैं या पौधा गिर सकता है। पौधे का तेज़ी से मुरझाना वह विशेष लक्षण है जो जड़ गलन को इस लक्षण वाले अन्य रोगों से अलग करता है।

जड़ सड़न एक पौधे की बीमारी है जो अत्यधिक पानी, खराब जल निकासी या मिट्टी के कवक के कारण हो सकती है। कई पौधों की बीमारियों की तरह, रूट सड़ांध का इलाज करना कठिन होता है और इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका रोकथाम है।

फसलों के पौधों का मुरझाना इस रोग में दिखने वाला पहला लक्षण है। इसके कारण गंभीर मामलों में सारी पत्तियां झड़ सकती हैं या पौधा गिर सकता है। पौधे का तेज़ी से मुरझाना वह विशेष लक्षण है जो जड़ गलन को इस लक्षण वाले अन्य रोगों से अलग करता है।

इसके नियंत्रण के लिए बुवाई के पूर्व कार्बेनडाज़िम 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करके बुवाई करना चाहिए। 100 ग्राम ट्राइकोडर्मा को 10 लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाएं और बीज को 10-15 मिनट तक डुबोएं। फिर 20-30 मिनट के लिए बीज को छाया में सुखाएं और फिर बीज बोने के लिए जाएं।