जिंक सल्फेट में सल्फर होने से तिलहन के तेल और गेहूं के दानों में भी इजाफा होता है। गेहूं का दाना बोल्ड होकर इसमें चमक आ जाती है। उपज देखने में अच्छी लगने से बाजार में इसके दाम भी अच्छा मिलता है। उन्होंने बताया कि जिंक सल्फेट धान की पैदावार भी बढ़ाती है और इसके प्रयोग से फसल में रोग भी कम होने की संभावना रहती है।
4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें |
भूमि में बुवाई से पूर्व, अन्तिम जुताई एवं टाॅप ड्रेसिंग में प्रयोग किया जाता है।
मुँह पे मास्क लगाके और हाथो में गाल्वेस पहन कर दवाई का स्प्रे करना चाइये ,भुखे पेट दवाई का प्रयोग ना करे , हवा से विपरीत दिशा मे कभी वी दवाई खेत मे ना फके , खेत मे दवाई का प्रयोग करते समय कुछ व् खाना पीना नहीं चाइये ,यहां प्रदान की गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। संपूर्ण उत्पाद विवरण और उपयोग के लिए निर्देशों के लिए हमेशा उत्पाद लेबल और साथ में लीफलेट देखें।